
देहरादून-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग के सात मोड़ क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के लिए 3000 से अधिक पेड़ों की कटाई की जा रही है। इस अंधाधुंध कटाई से स्थानीय लोग और पर्यावरणविदों में गहरा रोष है।इसी कड़ी में पर्यावरण प्रेमी व समाजसेवी मनोज ध्यानी का कहना है कि एक पेड़ का कटना भी पीड़ादायक है। पेड़ को बड़ा होने में वर्षों लगते हैं और वही हमें प्राणवायु देते हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले भी सरकार को प्रतिवेदन दिए जा चुके हैं और पहले कई संस्थाओं के साथ मिलकर पेड़ बचाने की मांग की गई है। ध्यानी ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन पेड़ों का कटाव न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों तरफ कटाई के बजाय वन-वे तरीके से काम हो ताकि ज्यादा पेड़ बच सकें। साथ ही सड़कों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने मांग की कि 1 पेड़ कटने पर 10 पेड़ लगाए जाएं और इसका ऑडिट हो।






