
आगामी चुनाव को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने संगठन को कमजोर करने की कोशिशों पर सवाल खड़े किए हैं। यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट का कहना है कि मैदानी क्षेत्रों में अभी कुछ जगहों पर फॉर्म नहीं आए हैं, जबकि अधिकांश जगहों पर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूकेडी जिन बुनियादी सवालों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है, जनता उससे परिचित है और पार्टी के समर्थन में खड़ी है।शांति प्रसाद भट्ट, केंद्रीय प्रवक्ता, उत्तराखंड क्रांति दल ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही यूकेडी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जनता इसे समझ रही है। उन्होंने कहा कि यूकेडी को जितना कमजोर किया जाएगा, उतना ही बाहरी लोगों के लिए उत्तराखंड में राजनीति करने की गुंजाइश बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाकर राजनीति करने पर भी सवाल उठाए। भट्ट के मुताबिक यूकेडी सभी को साथ लेकर चलने की बात करता है और गुरुकुल नारसन से लेकर बद्रीनाथ तक रहने वाले हर व्यक्ति को उत्तराखंड का समान नागरिक मानता है।






