सहसपुर में एनएच पर जबरन कब्जे का आरोप, करणी सेना ने किया विरोध, विधायक ने दिए जांच के निर्देश

 

सहसपुर, देहरादून: अखिल भारतीय करणी सेना ने एक बार फिर जनहित के एक गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सहसपुर के विधायक सहदेव सिंह पुंडीर के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। मामला नेशनल हाईवे (एनएच) प्राधिकरण द्वारा कथित रूप से ग्रामीणों की जमीन पर जबरन कब्जे और धोखाधड़ी का है। इस विवाद को लेकर गुरुवार को ठाकुरपुर क्षेत्र में एनएच और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त सर्वे करवाया गया।

 

करणी सेना ने लगाया गंभीर आरोप

 

करणी सेना के राष्ट्रीय प्रभारी शुभम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया कि एनएच प्राधिकरण ने ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे का विस्तार करने के नाम पर किसानों और अन्य जमीन मालिकों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है।

 

करणी सेना के अनुसार, एनएच प्राधिकरण की ओर से न तो सही मुआवजा दिया गया और न ही जमीन अधिग्रहण के नियमों का पालन किया गया। शुभम सिंह ठाकुर ने कहा, “हम ग्रामीणों की जमीन पर जबरन कब्जा नहीं होने देंगे। यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं बल्कि हजारों लोगों के हक और अधिकारों का है।”

 

विधायक ने दिए सख्त निर्देश

 

इस मामले की गंभीरता को समझते हुए सहसपुर के विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने तुरंत एनएच और राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि वे इस मामले की निष्पक्षता से जांच करें। उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र के लोग न्याय से वंचित नहीं होंगे। यदि एनएच या किसी भी अन्य प्राधिकरण द्वारा कोई अनियमितता की गई है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

 

विधायक ने अधिकारियों से इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कहा, ताकि ग्रामीणों में व्याप्त रोष को शांत किया जा सके।

 

संयुक्त सर्वे की गई कार्यवाही

 

शिकायतों की जांच के लिए ठाकुरपुर में एनएच प्राधिकरण और राजस्व विभाग के पटवारियों की टीम ने संयुक्त सर्वे किया। इस सर्वे में जमीन का मुआयना कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि एनएच ने किन नियमों का उल्लंघन किया है। ग्रामीणों ने सर्वे टीम को जमीन से संबंधित दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किए।

 

सर्वे के दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय प्रभारी शुभम सिंह ठाकुर के साथ गाँव के अन्य प्रमुख लोग, जैसे शुशांत थापा, अर्चना छेत्री, अभिमन्यु चौहान, मनु और आशीष रावत भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सर्वे टीम को अपनी समस्याएं और आपत्तियां विस्तार से बताईं।

 

ग्रामीणों की मांग

 

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

 

1. एनएच द्वारा जमीन अधिग्रहण के मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

2. प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए।

3. जबरन कब्जे की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए।

4. जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में नियमों का सख्ती से पालन हो।

 

करणी सेना की रणनीति

 

करणी सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि एनएच प्राधिकरण ने इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। शुभम सिंह ठाकुर ने कहा, “यह केवल सहसपुर का मामला नहीं है, बल्कि देशभर में किसानों और ग्रामीणों की जमीन पर कब्जे की ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।”

 

न्याय की उम्मीद

 

इस पूरे मामले में ग्रामीणों को उम्मीद है कि विधायक सहदेव सिंह पुंडीर के हस्तक्षेप से उन्हें न्याय मिलेगा। ग्रामीणों ने विधायक से अपील की है कि वे इस मामले को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक पहुंचाएं, ताकि एनएच प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सुधार हो सके।

 

सहसपुर में चल रहे इस मुद्दे ने एक बार फिर दिखाया है कि कैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के नाम पर आम जनता को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश की जाती है। यह देखना होगा कि एनएच और राजस्व विभाग इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से काम करते हैं।

 

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