
देश में बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत दसमाना ने चीनी के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार की एथनॉल नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि गन्ने का इस्तेमाल एथनॉल उत्पादन में बढ़ने से चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा और इसका असर चीनी की कीमतों पर पड़ रहा है। दसमाना ने दावा किया कि चीनी के दाम अभी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं और आगे 100 रुपये तक जाने की आशंका है। साथ ही उन्होंने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष चीनी के दाम को लेकर भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ने और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ा है। ठाकुर के मुताबिक अक्टूबर में चीनी मिलें शुरू होने के बाद कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए व्यापारियों की स्टॉक लिमिट और अवधि कम की है, साथ ही चीनी के आयात की व्यवस्था भी की गई है। बीजेपी का दावा है कि इन कदमों से त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखा जाएगा।






