रानीखेत— सेवा संकल्प अभियान के तहत जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में तहसील रानीखेत के मजखाली में बहुउद्देशीय शिविर लगाया गया। शिविर में सड़क, शिक्षा, पेयजल, राशन कार्ड, स्वास्थ्य और विद्युत व्यवस्था समेत कई समस्याएं ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी और जिला पंचायत सदस्य दीपक कन्नू साह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सिमोली ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट ने पशु चिकित्सालय, सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि पिछली बार आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भी सिमोली में पशु चिकित्सालय की समस्या उठाई गई थी, लेकिन अब तक डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने इसे ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बताया। ग्राम प्रधान ने बताया कि क्षेत्र की सड़क भी लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इस समस्या पर भी विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, मजखाली क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बनी पेयजल समस्या का मुद्दा भी शिविर में उठाया गया। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से कई का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया






