
उत्तराखंड के रास्ते होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पहला तीर्थयात्री जत्था 4 जुलाई को उत्तराखंड पहुँचेगा। इस वर्ष 50-50 श्रद्धालुओं के 10 जत्थे लिपुलेख मार्ग से यात्रा करेंगे। इस बार श्रद्धालुओं को केवल 38 किमी की पैदल यात्रा करनी होगी और शेष सफर वाहनों से तय होगा। वही प्रदेश के धर्मश्व व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है और यात्रा में लिपुलेख के ऊपर जहां दर्रा है वहां की चोटी के ऊपर खड़े होकर कैलाश का दर्शन किया जा सकता है वह भी बिना चाइनीस विजा लिए हुए बिना पासपोर्ट बनाए हुए और आदि कैलाश जहां प्रधानमंत्री गए थे वह भी कैलाश पर्वत का एक छोटा सा स्वरूप है उसका उसका भी दर्शन किया जा सकता है वहीँ ओम पर्वत का भी दर्शन किया जा सकता है आगे कैबिनेट मंत्री ने कहा की उत्तराखंड से मानसरोवर की यात्रा लिपुलेख से होते हुए आगे बढ़ेगी






