परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान (पारडी), सेलाकुई, देहरादून में परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को समापन हआ। अंतिम दिन के कार्यक्रम की शुरूआत फ्रैगरेन्स क्रिएशन सत्र से हुई जिसमें प्रतिभागियों ने अपने-अपने सिग्नेचर परफ्यूम का निर्माण किया और इवैल्युएशन बूथों में इन परफ्यूम्स का इवैलुएशन किया। प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक आदि से कुल 19 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री निधि यादव, अपर सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन का स्वागत संस्थान के निदेशक डा0 नृपेन्द्र चौहान ने लैमनबाम का पौधा भेंट कर किया। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में युवाओं के लिए परफ्यूमरी को एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में विकसित करने के लिये परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की।
उन्होने कहा कि परफ्यूमरी के क्षेत्र में नवीन सुगन्धों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इसके माध्यम से युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर सकते हैं तथा देश के सुगन्ध उद्योग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर विभिन्न प्रशिक्षुओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में परफ्यूमरी की कोई पृष्ठभूमि न होने बावजूद इस प्रशिक्षण के द्वारा परफ्यूमरी के मूल सिद्धातों व परफ्यूम निर्माण के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संस्थान से परफ्यूमरी का लेवल-2 प्रशिक्षण भी यथाशीघ्र आरम्भ करने का आग्रह किया गया।
डा0 नृपेन्द्र चौहान, निदेशक, परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान (पारडी), सेलाकुई ने बताया कि संस्थान का ”स्कूल आफ परफ्यूमरी“ अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है तथा परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय में प्रशिक्षण प्रदान करने का यह छठा बैच है। उन्होने बताया कि इस संस्थान से परफ्यूमरी प्रशिक्षण प्राप्त कर कुछ प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अपने-अपने स्टार्टअप भी स्थापित किये गये हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र तथा घर पर ही परफ्यूम विकसित करने के लिये परफ्यूमरी किट वितरित की गयी। इस अवसर पर डा0 जफर हैदर, वैज्ञानिक-सी, ट्रेनिंग समन्वयक डा0 गरिमा देवलाल, वैज्ञानिक-बी, कु0 जाहन्वी, प्रोजेक्ट साइंटिस्ट, कु0 प्रतीक्षा एवं श्री रोहित आदि मौजूद रहें। कार्यक्रम का संचालन डा0 गरिमा देवलाल, वैज्ञानिक-बी द्वारा किया गया।






