उत्तराखंड में शहीदों के नाम पर भी हो रहा भ्रस्टाचार, उत्तराखंड पेयजल निगम ने भी की अपनी आँखें बंद – roglognews

उत्तराखंड में शहीदों के नाम पर भी हो रहा भ्रस्टाचार, उत्तराखंड पेयजल निगम ने भी की अपनी आँखें बंद

 

 

हाल ही में पेयजल निगम में एक नया टेंडर विवाद उठ खड़ा हुआ है, जिसमें कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले ने निगम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

#### विवाद की जड़

 

विवाद तब शुरू हुआ जब पेयजल निगम ने एक टेंडर जारी किया। इस टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और कई लोग कह रहे हैं कि इसमें कई गड़बड़ियाँ हैं। सवाल यह है कि क्या यह टेंडर वास्तव में पारदर्शी तरीके से दिया गया है या नहीं।

 

#### प्रोजेक्ट्स का वितरण

 

फरीदाबाद और नरवाना में निगम ने नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। रायपुर में भी एक नया प्रोजेक्ट शुरू हुआ है, जिसके लिए तीस करोड़ रुपये की एडवांस पेमेंट की जा चुकी है। इसके बावजूद, निगम ने लोगों से पचास करोड़ रुपये और मांगे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई है। यह सवाल उठता है कि निगम इतनी बड़ी राशि क्यों मांग रहा है, और इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।

 

#### पार्टी लाइन से ऊपर उठने का आरोप

 

आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि निगम ने इस टेंडर में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर लाभ उठाने की कोशिश की है। हॉस्टल निर्माण में भी गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। दूसरी वेबसाइट्स ने भी इस मामले को संदेहास्पद बताया है, जिससे इस टेंडर की सच्चाई पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं।

 

#### तेंदुलकर की पार्टी और पुरानी घटनाएँ

 

मंगलवार को, छब्बीस लोगों ने इस मामले में अपनी आपत्तियाँ दर्ज करवाई हैं। तेंदुलकर की पार्टी ने भी इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त की है और जांच की मांग की है। इस प्रकार की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, जब टेंडर प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। यह प्रकरण उन पुरानी घटनाओं की याद दिलाता है, जब पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठे थे।

 

#### वेटलिफ्टर का संदर्भ और सेब के बंद होने का मामला

 

कुछ लोगों ने इस मामले की तुलना वेटलिफ्टर की एक घटना से की है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उसे प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह मामला भी कुछ वैसा ही लगता है, जहां पारदर्शिता की कमी है। इसी तरह, सेब के बंद होने के मामलों में भी गड़बड़ियाँ सामने आई थीं।

#### जांच की मांग और निष्कर्ष

अभी इस मामले की जांच चल रही है, और जांच समिति का गठन हो चुका है। प्रारंभिक जांच में कुछ गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं, लेकिन अंतिम रिपोर्ट अभी बाकी है। कई लोग इस विवाद को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

पेयजल निगम का यह टेंडर विवाद एक गंभीर मुद्दा है, जो सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठाता है। जब तक इस मामले की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह विवाद बना रहेगा। उम्मीद है कि जल्द ही सच सामने आएगा और न्याय की जीत होगी।

  • Related Posts

    सीएम धामी ने किया देवभूमि परिवार पोर्टल और विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ और ‘विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047’ का लोकार्पण किया। देवभूमि परिवार पोर्टल को ‘एक परिवार, एक पहचान, एक प्लेटफॉर्म’ की अवधारणा पर…

    त्योहारी सीजन में परिवहन समस्या पर बोले सीएम धामी: ‘संवाद से निकलेगा हर चुनौती का समाधान

    दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली जाने वाले यात्रियों और परिवहन से जुड़ी समस्याओं को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    द’ यूनिवर्सिटीऑफ नॉर्थ वेस्ट हिमालयाज़ में हर्षोल्लास से मनाया गया “आग़ाज़’ 26 – प्रेशर पार्टी एवं दीपावली महोत्सव”

    द’ यूनिवर्सिटीऑफ नॉर्थ वेस्ट हिमालयाज़ में हर्षोल्लास से मनाया गया “आग़ाज़’ 26 – प्रेशर पार्टी एवं दीपावली महोत्सव”

    सीएम धामी ने किया देवभूमि परिवार पोर्टल और विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का लोकार्पण

    सीएम धामी ने किया देवभूमि परिवार पोर्टल और विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का लोकार्पण

    डोईवाला में 1 किलो 296 ग्राम गांजे के साथ महिला गिरफ्तार, NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज

    डोईवाला में 1 किलो 296 ग्राम गांजे के साथ महिला गिरफ्तार, NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज

    त्योहारी सीजन में परिवहन समस्या पर बोले सीएम धामी: ‘संवाद से निकलेगा हर चुनौती का समाधान

    त्योहारी सीजन में परिवहन समस्या पर बोले सीएम धामी: ‘संवाद से निकलेगा हर चुनौती का समाधान

    परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण-सह कार्यशाला का आयोजन

    परफ्यूमरी एवं एरोमैटिक्स विषय पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण-सह कार्यशाला का आयोजन

    गोर्खा समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं ऐसे आयोजन: गणेश जोशी*

    गोर्खा समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं ऐसे आयोजन: गणेश जोशी*
    error: Content is protected !!