उत्तराखंड में अपराध का ग्राफ कम होने का पुलिस का दावा, आंकड़ों ने दिखाई कमी

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने राज्य में अपराध के मामलों में कमी का दावा किया है। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता और आईजी नीलेश आनंद भरणे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य में पिछले तीन वर्षों के अपराध के आंकड़ों में कमी देखी गई है, खासकर हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में।

आईजी भरणे ने कहा कि यदि 2022, 2023 और 2024 के आंकड़ों की तुलना की जाए, तो अपराध के ग्राफ में स्पष्ट गिरावट नजर आती है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूरी तरह से अपराध को समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे अपराधों की संख्या में कमी आई है।

आईजी ने बताया कि 2024 में राज्य के चार प्रमुख अपराधों की घटनाओं में काफी कमी आई है। “हम टॉप फोर क्राइम की बात करें या हिनियस (गंभीर) क्राइम की बात करें, पिछले 3 सालों के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि 2024 में मर्डर और लूट की घटनाओं में गिरावट आई है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह संभव नहीं है कि किसी भी राज्य या शहर में पूरी तरह से जीरो क्राइम हो जाए, लेकिन पुलिस द्वारा किए गए ठोस कदमों और नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड में अपराध नियंत्रण में बेहतर सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पुलिस द्वारा क्राइम कंट्रोल के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि अधिक गश्त, सतर्कता और त्वरित कार्यवाही।

नीलेश आनंद भरणे ने इस दौरान बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की है और अपराध के मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं। इससे जनता के बीच पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, जो कि अपराध नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग अब राज्य भर में तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधियों पर नज़र रख रहा है। मॉडर्न तकनीकों जैसे सीसीटीवी कैमरे, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और फॉरेंसिक साइंस का उपयोग कर पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली को पहले से अधिक प्रभावी बनाया है।

आईजी भरणे ने अंत में कहा, “हालांकि हमें इस बात का एहसास है कि समाज को पूरी तरह से अपराध मुक्त नहीं किया जा सकता, फिर भी पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों ने उत्तराखंड में अपराध को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम भविष्य में भी इसी तरह के ठोस प्रयास जारी रखेंगे।”

बाइट: नीलेश आनंद भरणे, आईजी उत्तराखंड पुलिस

उत्तराखंड पुलिस के इस दावे ने जनता में एक सकारात्मक संदेश भेजा है। अब देखना यह है कि आने वाले समय में यह आंकड़े किस प्रकार से बदलते हैं और पुलिस की यह कोशिशें कितनी सफल रहती हैं।

 

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