
उत्तराखंड जल संस्थान अधिकारी व कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग को लेकर जल संस्थान मुख्यालय, नेहरू कॉलोनी देहरादून में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में तीनों घटक संगठनों डिप्लोमा इंजीनियर्स, तकनीकी संगठन और कर्मचारी संघ के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान संयुक्त मोर्चे के सलाहकार गजेंद्र कपिल ने कहा कि पूर्व व्यवस्था के तहत जल निगम योजनाएं बनाता था और जल संस्थान वितरण करता था, लेकिन अब शासन लगातार योजनाएं जल संस्थान से छीनकर जल निगम को दे रहा है जिससे कर्मचारियों के वेतन-पेंशन पर संकट गहरा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार समय रहते पुरानी व्यवस्था बहाल करे या जल संस्थान को राजकीय विभाग घोषित करे अन्यथा आंदोलन तेज किया जायेगा। वही मोर्चे के मुख्य संयोजक नंदलाल जोशी ने कहा कि मुख्य योजनाएं पेयजल निगम को देने से वेतन-पेंशन में दिक्कत आ रही है और कोई सरकारी सहायता नहीं मिल रही जिसके कारण यह आर-पार की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि 1975 के एक्ट के अनुसार जल संस्थान मेंटेनेंस, बिल वसूली और वितरण करता था, जबकि निगम सिर्फ बड़ी योजनाएं बनाकर हैंडओवर करता था, अब निगम ही निर्माण, रखरखाव और वसूली कर रहा है। जोशी ने बताया कि बैठक कर अनिश्चितकालीन धरने पर फैसला लिया जायेगा वही मांग पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी।






