
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉक ड्रिल केवल अभ्यास नहीं, बल्कि विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों और राहत-बचाव तंत्र की क्षमता का परीक्षण है। उन्होंने एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। साथ ही सभी जिलों को 72 घंटे के भीतर मॉक ड्रिल की समीक्षा रिपोर्ट आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन योजना (एसडीएमपी) और सभी 13 जिलों की जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं (डीडीएमपी) का विमोचन भी किया। उन्होंने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग द्वारा लगाए गए आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
करीब सवा घंटे तक चली लाइव निगरानी के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी 13 जनपदों के अधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सूखे और जर्जर पेड़ों को समयबद्ध तरीके से हटाने, एसटीपी का सुरक्षा ऑडिट कराने, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बढ़ाने और आमजन को आपदा संबंधी जानकारी व जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।






