
उत्तराखंड में बेटियों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता शिशपाल बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाएं और बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने गुंजन हत्याकांड और अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला अपराधों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में महिला अपराध के मामलों में शीर्ष पर है और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता कमलेश रमन ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार और राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना तथ्यों की पुष्टि किए एक सम्मानित परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है और कानून सभी के लिए समान रूप से काम करेगा।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। एक ओर विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। ऐसे में अब सभी की नजर जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी है।






