
देहरादून में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नंदा-सुनंदा योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बालिकाओं तक योजना का लाभ हर हाल में पहुंचे। डीएम ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी छात्रा की पढ़ाई आर्थिक कारणों से नहीं रुकनी चाहिए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि पिछली बैठक में करीब 175 बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सके। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों की पहचान कर सहायता प्रक्रिया लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी को माध्यमिक स्तर तक राज्य सरकार की निःशुल्क शिक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ बच्चों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। डीएम ने विभिन्न विभागों से भी शिक्षा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।






