
उत्तराखंड में मानसून की पहली तेज बारिश ने बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में हाल ही में निर्मित पुल की अप्रोच रोड बारिश के बाद धंस गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम बताया है, जबकि भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को निराधार करार दिया है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शिशपाल बिष्ट ने आरोप लगाया कि यह घटना सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और भ्रष्टाचार को उजागर करती है। उनका कहना है कि जनता के पैसे से बनने वाले विकास कार्य पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जो सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता कमलेश रमन ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल अप्रोच रोड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। उनके अनुसार सरकार गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और आवश्यक मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्पष्ट किया कि पुल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केवल अप्रोच रोड प्रभावित हुई है और सरकार ने अधिकारियों को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि संबंधित विभागों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और क्षतिग्रस्त अप्रोच रोड की मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द आवागमन पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहली ही बारिश में अप्रोच रोड धंसने की घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर मरम्मत कार्य के साथ-साथ संभावित जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है।






